सरताज
रविवार, 13 अक्टूबर 2013
" हो रहा निर्माण "
गिर गया पुल
बह गया रपटा
सड़क में गड्ढे
गड्ढों में सड़क
ईमानदारी
से करना
चाहा काम
हो गया
जीना हराम
मज़बूरी ने
पहुंचा दिया
कमीशनखोरों
के मकान
इसीलिए तो
एक ही
सड़क का
बार-बार
किया निर्माण...!!!
3 टिप्पणियां:
Unknown
16 अक्टूबर 2013 को 1:33 am बजे
सत्य कहा भाई साहब आपने ....
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राजेश शर्मा
13 जून 2014 को 5:14 am बजे
" जी शुक्रिया ...!!! "
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राजेश शर्मा
13 जून 2014 को 5:11 am बजे
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सत्य कहा भाई साहब आपने ....
जवाब देंहटाएं" जी शुक्रिया ...!!! "
हटाएंइस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
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