सरताज
शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2013
" बेटिकट "
सुनते थे
दिल्ली
" दिल "
वालों
की है,
गए
तो पता
चला-
दिल्ली तो
सिर्फ
" पैसे "
वालों की है.
गए तो
" टिकट " के
लिए थे,
" बे-टिकट "
लौटे
बद - किस्मती
देखिये-
धरे भी
गए तो
" बेटिकट ! "
1 टिप्पणी:
राजेश शर्मा
11 अक्टूबर 2013 को 5:32 am बजे
चुनाव 2013
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