सरताज
बुधवार, 25 जून 2014
" चर्चा और खर्चा …!!! "
" किसी का धर्म
तो किसी का
कर्म चाय है,
कभी सोते से
जगाती चाय है
तो कभी भूख
मिटाती चाय है ,
किसी को जमीं तो
किसी को आसमां
दिखाती चाय है,
चुनाव पूर्व
चाय पर
चर्चा थी,
चुनाव बाद
चाय पर
बढ़ गया
खर्चा है …!!! "
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