भगवान को लेकर क्यूं
लड रहा इंसान है,
क्या हिन्दू संग दिवाली
और मुसलमां संग ईद
मनाना पाप है...?
धर्म और मजहब के नाम
क्यूं हो रहा बवाल है,
किसी को मंदिर तो
किसी को मस्जिद
पर ऐतराज है,
किसी को गुरुद्वारे तो
किसी को गिरजाघर
पर नाज है,
किसकी मंशा कैसी,
और कौन लड़ा रहा
इंसानों से इंसान है,
कलयुगी जीवन यूं
निकलते जा रहा
समझने में कि
कौन भगवान और
कौन शैतान है,
"भगवान" को लेकर क्यूं
लड़ रहा इंसान है...???
लड रहा इंसान है,
क्या हिन्दू संग दिवाली
और मुसलमां संग ईद
मनाना पाप है...?
धर्म और मजहब के नाम
क्यूं हो रहा बवाल है,
किसी को मंदिर तो
किसी को मस्जिद
पर ऐतराज है,
किसी को गुरुद्वारे तो
किसी को गिरजाघर
पर नाज है,
किसकी मंशा कैसी,
और कौन लड़ा रहा
इंसानों से इंसान है,
कलयुगी जीवन यूं
निकलते जा रहा
समझने में कि
कौन भगवान और
कौन शैतान है,
"भगवान" को लेकर क्यूं
लड़ रहा इंसान है...???

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