शनिवार, 23 नवंबर 2013

" सइयां और भइया...!!! "

न मजाक 
न नसीहत 
है हकीकत 
ज़ुबां खोली, 
न नियम
बताया 
नजरें मिलाई,
न आँखें
दिखाई,
सिर्फ हिला-हिला
कर दुम....,
पा ली मलाईदार 
पोस्टिंग 
अब कैसा डर,
कोतवाल 
बने हैं सइयां
जिसने
पितातुल्य 
बताकर
"माँ" तक 
बनाई 
अपनी पहुँच, 
वो ही 
अब कहने 
लगा है भइया...!!! "

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